Post: Mahabharata: The Epic Heavier Than the Four Vedas — A Treasure of Eternal Wisdom

Wed, 18-Feb-2026 08:09

Mahabharata: The Epic Heavier Than the Four Vedas — A Treasure of Eternal Wisdom

आर्य संस्कृति तथा भारतीय सनातन धर्म का एक महान ग्रंथ है महाभारत जिसका दूसरा नाम भारत जय भी है। इस ग्रंथ के रचयिता ऋषि वेदव्यास हैं । ऐसा कहते हैं कि वेदव्यास जी ने  हिमालय की एक पवित्र गुफा में तपस्या के दौरान महाभारत की शुरू से अंत तक सारी घटनाओं को स्मरण करके महाभारत की रचना कर ली थी मन ही मन में लेकिन समस्या यह थी कि वह ग्रंथ  मानव कल्याण के लिए जनसाधारण तक कैसे पहुंचा जाए इसके लिए कोई ऐसा हो जो बिना कोई गलती किया लगातार लिखता जाए क्योंकि यह बहुत बड़ी काव्या रचना है । इस ग्रंथ को लिखने में गणेश जी को 3 साल लगे। इसमें 100000 श्लोक हैं ,18 पर्व है,100 उप पर्व है। इसका एक नाम 'जय संहिता 'भी है। क्योंकि इसमें धर्म पर धर्म की विजय होने की गाथा है। पहले इसका नाम भारत ग्रंथ था लेकिन कहते हैं एक बार देवताओं ने तराजू के एक पल में भारत ग्रंथ को रखा और दूसरे में चारों वेदों को रखा चारों वेदों की तुलना में यह ग्रंथ बहुत भारी सिद्ध हुआ इसलिए भी इस ग्रंथ को महाभारत नाम दिया देवताओं और ऋषियों ने 

महाभारत अमूल्य रतन का अपार भंडार है इसमें वेदों के रहस्य और विस्तार, उपनिषदों के साथ, ग्रह नक्षत्र तारा आदि के परिमाण, न्याय शिक्षा, चिकित्सा ,दान,तीर्थ,पुण्य, देश, नदी, पर्वत ,वन तथा समुद्रों का भी वर्णन है।

महाभारत एक महाकाव्य है गूढार्थमय ज्ञान- विज्ञान शास्त्र है, धर्म ग्रंथ है, राजनीतिक दर्शन है, कर्म योग दर्शन है, भक्ति- शास्त्र है, अध्यात्म शास्त्र है, आर्य जाति का इतिहास है और  सर्वार्थसाधक तथा सर्वशास्त्र संग्रह है। और सबसे अधिक महत्व की बात है कि इसमें सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान ,परम योगेश्वर, सृष्टि -स्थिति प्रलयकारी, लीला बिहार वासुदेव भगवान श्री कृष्ण के गुण गौरव का मधुर गान है।  और इसमें ही गीता का उपदेश भी है। गीता में 700 श्लोक हैं जिसमें हमें जीवन के बारे में बहुत कुछ बताया गया है और हमें अपने जीवन की बहुत सारे सवालों का जवाब मिल जाता है। तो अगर हम 1 लाख श्लोक वाले महाभारत को अपने जीवन में एक बार भी अगर पढ़ लेते हैं तो हमें जीवन की और समाज की बहुत सारी बुराइयों का कारण और निवारण समझ में आ सकता है जीवन जीने का सही तरीका भी ।

तो इसलिए हम सबको जीवन में एक बार रामायण और महाभारत जरूर पढ़नी चाहिए यह बिल्कुल गलत विचार है कि लोग कहते हैं महाभारत को घर में रखने से लड़ाई और परिवार में भेदभाव बढ़ता है। यह एक मिथ है। जैसे हम रामायण और गीता पढ़ सकते हैं वैसे ही हम महाभारत भी पढ़ सकते हैं लेकिन वह बहुत बड़ा ग्रंथ है इसलिए बहुत समय लगता है इसको समझने और समझ कर पढ़ने में।

बहुत-बहुत धन्यवाद, 🙏🏻

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